CAG रिपोर्ट से शराब के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में घिरी केजरीवाल सरकार – क्या हैं बड़ी गड़बड़ियां?
दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार एक बार फिर विवादों में है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट में जहां शराब नीति में घोटाले की बात सामने आई है, वहीं अब सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में भी कई अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
CAG रिपोर्ट में क्या है खुलासा?
CAG की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कई परियोजनाओं में पारदर्शिता के नियमों का पालन नहीं किया।
1. मोहल्ला क्लीनिक में गड़बड़ियां
- मोहल्ला क्लीनिक के निर्माण में ठेके देने में गड़बड़ियां पाई गईं।
- कई क्लीनिक तय मानकों के बिना चालू कर दिए गए।
- दवाओं की सप्लाई में देरी और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए।
2. मेडिकल उपकरणों की खरीद में अनियमितता
- बिना टेंडर के उपकरण खरीदे गए।
- उपकरणों की कीमत बाजार दर से कई गुना अधिक दर्ज की गई।
- अस्पतालों में खरीदे गए उपकरणों का सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है।
3. स्वास्थ्य बजट का सही इस्तेमाल नहीं
- रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली सरकार ने 2019-2024 के दौरान स्वास्थ्य बजट का बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया।
- कई अस्पतालों के निर्माण कार्य अधूरे रह गए।
राजनीतिक विवाद
CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा का कहना है कि दिल्ली की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
जनता पर असर
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के ये आरोप दिल्ली की जनता के लिए चिंता का विषय हैं। मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी से हजारों लोग प्रभावित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
CAG की रिपोर्ट ने दिल्ली सरकार की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि अरविंद केजरीवाल सरकार इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और क्या भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
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